साहित्य वर्षा Sahitya Varsha

मेरी सागर डायरी My Sagar Diary - डॉ. वर्षा सिंह

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Monday, December 28, 2020

कोरोना को साइड इफेक्ट | बुंदेली व्यंग्य | डॉ. वर्षा सिंह

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Dr. Varsha Singh बुंदेली व्यंग्य             कोरोना को साइड इफेक्ट                    -डॉ. वर्षा सिंह                           मुदके दिनां ...
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Tuesday, December 22, 2020

अख़लाक़ सागरी : जिनके लिए मंदिर की घंटियां भी अज़ान थीं | डाॅ. वर्षा सिंह | पुण्यतिथि पर विशेष | लेख

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Dr. Varsha Singh प्रिय ब्लॉग पाठकों, आज  दिनांक 22.12.2020 को सागर नगर के अंतरराष्ट्रीय ख़्यातिप्राप्त मशहूर शायर मरहूम अख़लाक़ सागरी की दूसरी ...
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Saturday, December 19, 2020

सागर: साहित्य एवं चिंतन | पुनर्पाठ 14 | हिन्दी संत साहित्य पर बौद्ध धर्म का प्रभाव | पुस्तक | डॉ. वर्षा सिंह

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Dr. Varsha Singh प्रिय मित्रों, स्थानीय दैनिक समाचार पत्र "आचरण" में प्रकाशित मेरे कॉलम "सागर : साहित्य एवं चिंतन...
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Tuesday, December 15, 2020

मेरे नाना संत श्यामचरण सिंह - 6 | डॉ. वर्षा सिंह

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Dr Varsha Singh प्रिय ब्लॉग पाठकों,  कल मैंने अपने इस ब्लॉग "साहित्य वर्षा" में आप सब से साझा किए थे बौद्ध धर्म के प्र...
Monday, December 14, 2020

मेरे नाना संत श्यामचरण सिंह - 5 | डॉ. वर्षा सिंह | संत श्यामचरण : जीवन तथा कृतित्व | भिक्षु धर्मरक्षित | पुस्तक

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Dr Varsha Singh, Poetess and Author, Sagar M.P. प्रिय ब्लॉग पाठकों,  बौद्ध धर्म के प्रकांड विद्वान भिक्षु धर्मरक्षित जी द्वारा मेरे नाना जी ...

मेरे नाना संत श्यामचरण सिंह - 4 | डॉ. वर्षा सिंह | संत श्यामचरण : जीवन तथा कृतित्व | भिक्षु धर्मरक्षित | पुस्तक

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Dr Varsha Singh, Poetess and Author, Sagar M.P.   प्रिय ब्लॉग पाठकों,  बौद्ध धर्म के प्रकांड विद्वान भिक्षु धर्मरक्षित जी द्वारा मेरे नाना ज...
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मेरे नाना संत श्यामचरण सिंह - 3 | डॉ. वर्षा सिंह | संत श्यामचरण : जीवन तथा कृतित्व | भिक्षु धर्मरक्षित | पुस्तक

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  Dr Varsha Singh, Poetess and Author, Sagar M.P. प्रिय ब्लॉग पाठकों,  बौद्ध धर्म के प्रकांड विद्वान भिक्षु धर्मरक्षित जी द्वारा मेरे नाना ...
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Dr Varsha Singh
M.Sc. in Botany, Doctorate in Electro Homeopathy मैं यानी डॉ. वर्षा सिंह बचपन से लेखन कार्य कर रही हूं। मैं वनस्पति शास्त्र में एम.एस.सी हूं, इलेक्ट्रो होम्योपैथी में डॉक्टर हूं तथा मध्यप्रदेश पूर्वक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमि. सागर से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुकी हूं। मेरे छः ग़ज़ल संग्रह - वक्त पढ़ रहा है, सर्वहारा के लिए, हम जहां पर हैं, सच तो ये है, दिल बंजारा, ग़ज़ल जब बात करती है ; दो नवसाक्षरों हेतु पुस्तकें -पानी है अनमोल, कामकाजी महिलाओं के सुरक्षा अधिकार; एक आलोचना पुस्तक-हिन्दी ग़ज़ल: दशा और दिशा प्रकाशित हैं। मुझे मेरे सृजनात्मक लेखन हेतु केन्द्रीय हिन्दी परिषद, मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मण्डल द्वारा ‘विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान,हिन्दी परिषद् (बीना शाखा) मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मण्डल द्वारा ‘हिन्दी शिरोमणि’ सम्मान,राजभाषा परिषद् भारतीय स्टेट बैंक, सागर शाखा द्वारा ‘उत्कृष्ट साहित्य सृजनकर्ता सम्मान’,हिंदी साहित्य सम्मेलन शाखा सागर द्वारा ‘सुधारानी जैन महिला साहित्यकार सम्मान’, बुन्देली लोक कला संस्था, झांसी, उत्तरप्रदेश द्वारा ‘गुरदी देवी सम्मान’ , शक्ति सम्मान आदि अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। मैं मानती हूं कि महिलाएं शक्ति का पर्याय हैं। उन्हें अपनी शक्ति को पहचान कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए, ताकि देश और समाज के विकास में वे अपना पूर्ण योगदान दे सकें।
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