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Tuesday, March 31, 2020

प्रतिक्रिया गुलाब कोठरी जी के अग्रलेख पर....आध्यात्मिक चिंतन से दिशाबोध - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

             आज दिनांक 31.03.2020 को पत्रिका समाचारपत्र में राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठरी जी की कल दि. 30.03.2020 को प्रकाशित संपादकीय पर मेरी यानी इस ब्लॉग की लेखिका डॉ. वर्षा सिंह की प्रतिक्रिया प्रकाशित हुई है।
हार्दिक आभार पत्रिका 🙏



आध्यात्मिक चिंतन से दिशाबोध
       आध्यात्मिक चिंतनधारा मनोमस्तिष्क को निर्मल बनाती है। व्यक्ति की सोच अपने अंतःकरण की सोच से एकाकार हो कर कामनाओं को परिमार्जित करती है।  कोठरी जी के लेख आध्यात्मिक चिंतन को लिपिबद्ध करते हैं और दिशाबोध कराने की सामर्थ्य रखते हैं।
      - डॉ. वर्षा सिंह, साहित्यकार, सागर
 
       .... और यह है कोठरी जी की संपादकीय, जिसमें उन्होंने अपने आध्यात्मिक चिंतन पर कलम चलाई है...


Sunday, March 29, 2020

गुलाब कोठरी के अग्रलेख पर प्रतिक्रिया - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

      गुलाब कोठारी भारत के एक सम्वेदनशील लेखक, पत्रकार तथा संपादक है एवं वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका के प्रधान सम्पादक है।  राजस्थान पत्रिका का सागर संस्करण पत्रिका के नाम से प्रकाशित होता है। कोठरी जी के लेखन के बारे में वेद विज्ञानी और जैन दर्शन के विद्वान दयानंद भार्गव विपुल का कथन है कि "जिस तरह गुलाब के कई रंग होते हैं, उसी तरह गुलाब कोठारी जब साधक होते हैं तो सफेद हो जाते हैं और जब बच्चों के साथ होते हैं तो गुलाबी और गुलाब के साथ कांटा भी होता है, इसलिए जब वे सम्पादकीय लिखते हैं तो कांटे की तरह काम करते हैं और किसी का भी फूला हुआ गुब्बारा पिचका देते हैं।"

गुलाब कोठरी

गुलाब कोठारी प्रत्येक सप्ताह लगभग 3-4 संपादकीय लिखते हैं जो कि अत्यंत महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक होती हैं। इन पर पाठकों की प्रतिक्रियाओं को अग्रलेख पर प्रतिक्रिया के अंतर्गत प्रकाशित किया जाता है।