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Monday, December 28, 2020

कोरोना को साइड इफेक्ट | बुंदेली व्यंग्य | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

बुंदेली व्यंग्य

            कोरोना को साइड इफेक्ट 

                  -डॉ. वर्षा सिंह

                    

     मुदके दिनां से बड्डे भैय्याजी की कछू खबरई सी नई मिली हती, सो हमने सोसी के भैय्याजी को कछू हाल-चाल ले लौ चइये। अब जे कोरोना काल में कहूं आबे-जाबे की तो हो नई रयी है, सो हमने भैय्याजी खों मोबाईल लगा लओ। दो- तीन बेर मोबाईल लगाबे के बाद भैय्या जी की बानी सुनबे खों मिल पाई। भौतई दुखी सी आवाज में भैय्याजी बोले - 'काय बिन्ना, कैसे याद करो।' हमने कही- 'भैय्याजी, कुल्ल दिनन से आपकी कछू खबरई ने मिली हती सो हमने मोबाईल लगा लौ। भौजी और मोड़ा- मोड़े सबई को हाल जानने रहो।'

     भैय्याजी तनक खिजाने से बोले - 'सबई मजे में हैं। तुमाई भौजी हमाई जेबें खाली कराबे में जुटी हैं… और का.. बाकी सबई हाल ठीक है। तुम अपनी सुनाओ बिन्ना। छोटी बिन्ना और अम्मा के हाल सुनाओ।'

'इते को हाल भी ठीक है भैय्याजी, लेकन जे जेबें खाली कराबे वाली बात हमें समझ में नईं आई। आप भौजी के लाने कहबो का चाहत हो।' -हमने पूछी।

'अरे बिन्ना, कछू ने पूछो… कोरोना को साइड इफेक्ट हो रओ है।'

'का कै रये भैय्याजी ? भगवान की किरपा से आप औरन खों अबे लों कोरोना तो भओ नईंया, फिर जे साइड इफेक्ट कैसे हो गओ? हें, भैय्याजी, हमाई समझ में तो कछू नईं आ रओ है आप कह का रये हो ?' हमने अचकचा के पूछी।

'हम जे कहबो चाहत हैं बिन्ना, अभईं दुपारी खों हमाए दोरे पे एक कूरियर वालो आओ। बा तुमाई भौजी खों नाम ले के कहन लगो के मालक उन्हें बुला ल्यौ, उनखों पार्सल आओ है। हमने कूरियर वाले से पूछी के कैसो पार्सल? कहां को पार्सल? कौन ने मंगाओ ? तो ऊने तुमाई भौजी खों नाम लौ औ कहन लगे के ओन लाईन सामान मंगाओ है, ओई समान आओ है पार्सल में।'

    भैय्याजी आगे को किसा बतान लगे -' बिन्ना, हमने तुमाई भौजी को बुलाओ सो वे कहन लगी के हओ, हमने मंगाओ है सामान। पईसा-धेला दे दो कूरियर वाले खों। तुमाई भौजी की बात सुनके हमने कूरियर वाले से पूछी के कित्ते पईसा चाहत हो। सो वो बोलो के - सत्रा हजार दौ सौ आठ - सुनतई हम भौंचक रह गए बिन्ना। हमने कही ऐसो कोन सो सामान है सत्रा हजार दौ सौ आठ रुपईया को ? कूरियर वालो तो चुप रहो, तुमाई भौजी बोलीं के मेकअप को सामान है।'

     भैय्याजी आगे बोले - 'बिन्ना हमने तुमाई भौजी से पूछी के ऐसो कैसो मेकअप को सामान है वो भी सत्रा हजार दौ सौ आठ रुपईया को? तो वो आंखें तरेर के बोलीं के का सब इतई पूछ लै हो, कछू तो खयाल करो। जो बिचारो ठाढ़ो है, पहले ई कूरियर वाले खों पईसा दे के पार्सल ल्यौ फिर करियो इंक्वायरी। जे सुन के कूरियर वालो मुस्क्यान लगो। सो हमने भी सोची के अब ऊके आंगरे हमाई धुलाई को सीन काय क्रियेट होय। सो हमने जल्दी सो ऊको डिजिटल पेमेन्ट करो, काय से के इत्ते पईसा अब घरे तो धरे ना हते।'

      भैय्याजी की जे बात सुन के हमसे भी रहाई ने परी। हमने भैय्याजी से पूछी 'भौजी ने ओन लाईन काय मंगाओ मेकअप को सामान ? कोरोना काल में बिगैर मास्क पहने ऐसो कहूं आबो- जाबो तो होत नईंया। मास्क में मों तो दिखात नईंया अकेले तनक-मनक आंखें भरई दिखात हैं, फिर उनके लाने मेकअप की का जरूरत ?'

     हमाई बात सुनके भैय्याजी बोले -'बिन्ना जेई तो है। कोरोना को साईड इफेक्ट। हमने भी जा बात तुमाई भौजी से पूछी हती। उनको जवाब हतो के अगले हफ्ता मंझले भैय्या की बिटिया की शादी है। उते डिनर खाते टेम मों पे से मास्क हटाने परहे। सो पूरो मों दिखाई देहे। औ फेर डिस्टेंसिंग में सोई मास्क खोलो जा सकत है। दो गज की दूरी से भी मों दिखाई देहे। ईसे मेकअप जरूरी है। और ओन लाईन ऐई से सामान मंगाओ है के तुमई कहत हो के कोरोना से बचबे के लाने घर से बाहरे ने जाओ। '

भैय्याजी आगे बोले -' बिन्ना, तुमाई भौजी पहले लोकल मार्केट में सस्तो मेकअप को सामान, कपड़ा-हुन्ना लेत हतीं, अब कोरोना काल में हरेक चीज में उनकी ब्रांडेड सामान की मंहगी ओन लाईन खरीदी होन लगी है....और हमाई जेबें खाली होन लगी हैं, बिन्ना जेई है कोरोना को साईड इफेक्ट'

    भैय्याजी की बात सुन के हम सोस में पड़ गए - हे भगवान, जे तो हमने सोची ने हती, के कोरोना काल में जे भी हो रहो है।

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