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Tuesday, October 8, 2019

बुंदेलखंड में दशहरा - डॉ. वर्षा सिंह



🚩अधर्म पर धर्म की विजय,
असत्य पर सत्य की विजय,
बुराई पर अच्छाई की विजय,
पाप पर पुण्य की विजय
अत्याचार पर सदाचार की विजय
क्रोध पर दया व क्षमा की विजय
रावण पर श्रीराम की विजय के
प्रतीक पावन पर्व
विजयदशमी की
आपको व आपके परिवार को
हार्दिक शुभकामनाएं।
आज सत्य पर असत्य की विजय का पर्व विजयदशमी पूरे देश में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है. आज के दिन अस्त्र-शस्त्र का पूजन और रावण दहन के बाद बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
           विजयादशमी पर प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी पीटीसी ग्राउंड पर 51 फीट का रावण दहन किया गया। जय श्रीराम के जयकारों के साथ रावण के पुतले की नाभी में राम का स्वरूप धारण किए हुए व्यक्ति द्वारा छोड़ा गया तीर लगते ही रावण धूं-धूं कर जलने लगा। रावण दहन  बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। सागर शहर के नागरिकों ने अपने परिवार सहित दशानन रावण का अहंकार पलभर में राख होते देखा।
        समूचे बुंदेलखंड में आज के दिन पान का बीड़ा हनुमानजी के चढ़ाया जाता है। पान हनुमाजी को बहुत पसंद है और इस बार दशहरा मंगलवार को है इसलिए यह दिन और भी खास हो जाता है। पान को जीत का प्रतीक माना गया है। पान का 'बीड़ा' शब्द का एक महत्व यह भी है इस दिन हम सही रास्ते पर चलने का 'बीड़ा' उठाते हैं। पान प्रेम का पर्याय है। दशहरे में रावण दहन के बाद पान का बीड़ा खाने की परम्परा है। ऐसा माना जाता है दशहरे के दिन पान खाकर लोग असत्य पर हुई सत्य की जीत की खुशी मनाते हैं। पान का पत्ता मान और सम्मान का प्रतीक है. इसलिए हर शुभ कार्य में इसका उपयोग किया जाता है. नवरात्रि पूजन के दौरान भी मां को पान-सुपारी चढ़ाने का विधान होता है. इसी के साथ पान के पत्ते का उपयोग विवाह से लेकर कथा पाठ तक हर शुभ काम में किया जाता है.