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Wednesday, July 15, 2020

डॉ. विद्यावती "मालविका" | साहित्यकार | पिनट्रेस्ट | यूट्यूब | वीडियो | डॉ. वर्षा सिंह


प्रिय ब्लॉग पाठकों,
                 मेरी माता जी साहित्यकार डॉ. विद्यावती "मालविका" पर केंद्रित इस वीडियो को Pinterest पर  कृपया अवश्य देखें 🙏 - डॉ. वर्षा सिंह
https://pin.it/2VEb9ym

YouTube पर इस वीडियो की लिंक है....
https://youtu.be/CNeoV6EM9Rw


Thursday, July 9, 2020

डॉ. विद्यावती "मालविका" का गीत | प्रिय है धरा बुंदेली | डॉ. वर्षा. सिंह

Dr. Varsha Singh
प्रिय ब्लॉग पाठकों, मेरी माता जी, जो कि हिन्दी की जानी-मानी कवयित्री एवं लेखिका हैं - डॉ. विद्यावती "मालविका", वे मालवा क्षेत्र के उज्जैन की बेटी हैं और विवाहोपरांत उनके जीवन की लगभग 60 वर्ष की अवधि बुंदेलखंड के पन्ना और फिर अब सागर में व्यतीत हो रही है। डॉ. विद्यावती जी द्वारा मध्यप्रदेश के मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की संस्कृतियों के प्रति स्नेहांजलि स्वरूप रचित यह गीत आज यहां प्रस्तुत है -

प्रिय है धरा बुंदेली
          - डॉ. विद्यावती "मालविका"

मैं हूं मालव कन्या मुझको, प्रिय है धरा बुंदेली।
शिप्रा मेरी बहिन सरीखी, सागर झील सहेली।।

उज्जैयिनी ने सदा मुझे स्नेह दिया
विक्रम की धरती ने मेरा मान किय,
बुंदेली वसुधा ने मुझे दुलार दिया
गौर भूमि ने मुझे सदा सम्मान दिया,

सदा लुभाती मुझको सुंदर ऋतुओं की अठखेली।
मैं हूं मालव कन्या मुझको, प्रिय है धरा बुंदेली।।

महाकाल के चरणों में बचपन बीता 
रहा न मेरा अंतस साहस से रीता,
यहां बुंदेली संस्कृति को अपनाने पर
हुई समाहित मेरे मन में ज्यों गीता,

ऋणी रहूंगी मैं नतमस्तक, बांधे युगल हथेली।
मैं हूं मालव कन्या मुझको, प्रिय है धरा बुंदेली।।
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Dr. Vidyawati "Malvika"
#गीत #बुंदेलखंड #मालवा #सागर #पन्ना #कवयित्री

Sunday, June 28, 2020

डॉ. विद्यावती "मालविका" का गीत | देव दया तुम करना | कोरोना के विरुद्ध | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh
प्रिय ब्लॉग पाठकों, यह है मेरी माता जी डॉ. विद्यावती "मालविका" द्वारा लिखा गया एक ताज़ा गीत ... जिसे wab magazine युवाप्रवर्तक ने दि. 16.06.2020 के अंक में प्रकाशित किया है।
हार्दिक आभार "युवाप्रवर्तक" 🙏
http://yuvapravartak.com/?p=35019
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कोरोना संक्रमण के विरुद्ध एक गीत :

देव दया तुम करना
             - डॉ. विद्यावती 'मालविका'

सहनशक्ति की कठिन परीक्षा, देव दया तुम करना।
कष्ट निवारण करना सारे, दया दृष्टि तुम रखना।

हम भारत की संतानों का अहित न होने पाए,
करें सामना साहस से हम यदि जो विपदा आए,
हम गंगा की पावन धारा, हमें निरंतर बहना।
सहनशक्ति की कठिन परीक्षा, देव दया तुम करना।

सूर्य मुदित हो उदित सर्वदा, हर्ष नित्य बिखराए,
निशा चंद्रमा औ तारों की अनुपम ज्योति सजाए,
सुप्त-जागृत आंखों देखा, हो पूरा हर सपना।
सहनशक्ति की कठिन परीक्षा, देव दया तुम करना।
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Saturday, June 27, 2020

आधुनिक हिन्दी कवयित्रियों के प्रेमगीत | डॉ. विद्यावती 'मालविका' | परिचय | गीत | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh
प्रिय मित्रों, आज पढ़िए "आधुनिक हिन्दी कवयित्रियों के प्रेमगीत"  पुस्तक में संकलित मेरी माताजी डॉ. विद्यावती "मालविका" जी का गीत जो इस पुस्तक में उनके छायाचित्र एवं परिचय सहित प्रकाशित है। देश के प्रख्यात साहित्यकार एवं यशस्वी संपादक क्षेमचन्द्र "सुमन" जी द्वारा संपादित यह ग्रंथ वर्ष 1962 में राजपाल एण्ड संस, दिल्ली से प्रकाशित हुआ था। इस पुस्तक में महादेवी वर्मा से ले कर प्रकाशन वर्ष तक की अवधि की देश की जानीमानी कवयित्रियों का परिचय एवं उनके गीत संकलित हैं।








  इस पुस्तक की सामग्री को अनेक शोधग्रंथों एवं शोधात्मक लेखन में विशेष संदर्भ के रूप में सम्मिलित किया जाता है।
साथ ही मित्रों, मैं निवेदन करना चाहूंगी कि मेरी माता जी डॉ. विद्यावती 'मालविका' ने शतकाधिक गीत लिखे हैं, जो हिंदी साहित्य की धरोहर हैं। अनेक शोध ग्रंथों में उनके गीतों को सम्मिलित किया गया है एवं अनेक समवेत संकलनों में भी उनकी रचनाएं विद्यमान हैं। वह वर्तमान में भी यदा-कदा छंदबद्ध  कविताएं, गीत इत्यादि लिखती रहती हैं।

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मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार | डॉ. विद्यावती 'मालविका' | परिचय | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh
प्रिय ब्लॉग पाठकों , आज मैं आपसे साझा कर रही हूं "मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार"  ग्रंथ में संकलित मेरी माताजी डॉ. विद्यावती "मालविका"  का परिचयात्मक विवरण। मध्यप्रदेश के प्रखर पत्रकार, विद्वान साहित्यकार, मनीषी संपादक एवं मध्य प्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग में तत्कालीन अधिकारी डॉ. बृजभूषण सिंह 'आदर्श' जी द्वारा संपादित यह ग्रंथ वर्ष 1971 में प्रकाशित हुआ था। इस ग्रंथ में भारतेंदु युग से आधुनिक युग तक के मध्य प्रदेश के साहित्यकारों का परिचयात्मक विवरण संकलित किया गया है।
युवावस्था में डॉ. विद्यावती "मालविका" # साहित्य वर्षा 

डॉ. विद्यावती "मालविका" का परिचय

"मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार" पुस्तक का कव्हर

"मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार" पुस्तक के लेखक का परिचय

"मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार" पुस्तक का प्रकाशन विवरण 



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Friday, June 26, 2020

'मध्य भारत का इतिहास' | चतुर्थ खण्ड | डॉ. विद्यावती 'मालविका' | गीत | विक्रम | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh
प्रिय मित्रों, आज मैं आप सबसे साझा कर रही हूं मेरी माताजी डॉ. विद्यावती "मालविका" का जुलाई 1951 में उज्जैन से प्रकाशित होने वाले पत्र "विक्रम" में प्रकाशित गीत ...और साथ में "मध्य भारत का इतिहास" ग्रंथ के चौथे खंड के कवर की फोटो सहित वह पृष्ठ जिसमें माताजी के नाम का उल्लेख है। इस ग्रंथ के लेखक हैं  हरिहर निवास द्विवेदी जी जोकि अपने समय के मध्य भारत के विख्यात इतिहासवेत्ता और मूर्धन्य साहित्यकार रहे हैं... एवं 26 जनवरी 1959 में प्रकाशित चार खण्डों वाले इस महाग्रंथ के प्रकाशक थे श्री ईश्वर सिंह परिहार संचालक सूचना एवं प्रकाशन, मध्यप्रदेश शासन।






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